- इण्टरव्यू लेने वालों को विशेष प्रकार के इंसान न समझें। वे भी आपकी तरह भले इंसान हैं। अतः किसी प्रकार का खौफनाक दृश्य अपने मन में न भरें।
- पराजय का मूल है आत्मविश्वास की कमी, जो हमारे मन में भय अथवा संशय उत्पन्न करती है। अतः मन में यह विश्वास जगाएं कि हम जीत की राह पर चल पड़े हैं और हमारी जीत सुनिश्चित है।
- अगर अकेले हैं, तो क्या हुआ ? संसार में अब तक महान् कार्य किसी अकेले शख्स ने ही किए हैं।
- निगेटिव विचारों का परित्याग कर सदैव पॉजिटिव विचारों को मन में पनपने दें। तभी अप आत्मविश्वासी बनेंगे और प्रतियोगिता के अन्तिम चरण में सफल होंगे।
- सदैव आत्मसम्मान की चाहत रखें, क्योंकि इसी से बढ़ता है आत्मविश्वास। अतः आप अपनी आत्मशक्ति को पहचानें और उसका सम्मान करें।
- आपका सबसे बड़ा मित्र आपका मन है। उसीकी आवाज को सुनें, उस पर पूरा विश्वास करके इण्टरव्यू की तैयारी में जुट जाएं, इधर.उधर न भटकें। इसी में आपको सफलता मिलेगी।
- आत्मविश्वासी समय पर पके फल तोड़ता है। उसका रस ग्रहण करता है और फिर बीज से पुनः फल प्राप्त करता है। अतः आप भी जल्दबाजी अथवा बिना सोचे.समझे किसी प्रश्न का उत्तर न दें।
- याद रखें, आपके व्यक्तित्व में अद्भुत निखार और आकर्षण तभी आएगा, जब आप आत्मसम्मान से अत्मविश्वासी हैं और फिर आत्मनिर्भर हैं।
- इंटरव्यू स्थल पर पहुंचते ही पूछताछ काउंटर पर जा कर सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें। इसके बाद अपनी ्रकम संख्या लेकर प्रतीक्षा हेतु निर्दिष्ट स्थान पर बैठ जाएं।
- प्रतीक्षालय में साथियों से बातचीत के ्रकम में अनावश्यक बहस में न उलझें, यदि आप का ्रकम आने में समय है तो साथ ले गई पत्रिका को पढ़ कर समय व्यतीत कर मन को स्थिर रखें।
- अपनी बारी आने पर कक्ष में प्रवेश करने से पूर्व हल्की दस्तक दे कर प्रवेश करें। बोर्ड का अभिवादन करने के बाद उनकी अनुमति से ही कुरसी पर बैठें। अनुमति मिलने पर धन्यवाद कहना न भूलें। बोर्ड द्वारा पूछे गए प्रश्नों को सावधानीपूर्वक सुनें। प्रश्न खत्म होने से पूर्व उत्तर देने की जल्दबाजी न करें।
- बोर्ड के सामने धीरे-धीरे संयमित हो कर जवाब दें। अपनी आवाज सुनने लायक ही रखें। बोर्ड के सदस्यों को ‘सर’ या ‘मैडम’ कह कर ही सम्बोधित करें। इंटरव्यू समाप्त होने पर जब तक आज्ञा न मिलें, सीट छोड़ने की कोशिश न करें। आज्ञा मिलने पर बोर्ड को धन्यवाद दें एवं नमस्कार कर शालीनता से बाहर आ जाएं।
- इंटरव्यू या परीक्षा में असफलता मिलने पर व्यक्ति को निराश नहीं होना चाहिए। सफलता की सीढ़ियां चढ़ने हेतु यह आवश्यक है कि व्यक्ति अपनी पिछली तैयारी का फिर से अवलोकन करें और अपनी गलतियों को खोज कर उन्हें दूर करें। तभी वह सफल हो सकता है.
- अधिकांश विद्यार्थी इंटरव्यू में एक बार असफल होने पर अत्यधिक निराश हो जाते हैं, वे आगे किसी भी प्रकार की तैयारी के बारे में सोचने से भी हिचकते हैं, पर जो विद्याथी इन असफलताओं से बिना घबराए हिम्मत का दोबारा तैयारी में जुटते हैं, वे जरूर सफलता पाते हैं।
- सफलता प्राप्त करने के लिए यह भी आवश्यक है कि व्यक्ति अपनी कमियों को खोजे और उन्हें दूर करे। आज के इस प्रतियोगिता के युग में किसी भी नौकरी हेतु इंटरव्यू का लौह द्वार हर विद्यार्थी को पार करना पड़ता है। इंटरव्यू में व्यक्ति के ज्ञान के साथ.साथ उसके व्यवहार, व्यक्तित्व, चालढाल, पहनावे आदि की भी परीक्षा होती है। ये बातें व्यक्ति की सफलता असफलता का बहुत बड़ा कारण होती हैं।
इस वेबसाईट पर आपको वर्तमान युग में नौकरी के लिए चल रही प्रतिसपर्दा से आगे निकलनें में अत्यधिक मदद मिलेगी।
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Monday, 26 September 2016
साक्षात्कार में सफलता हेतु पावर टिप्स
प्राईवेट संस्थानों हेतु साक्षात्कार
- इंटरव्यू में जाने से पहले शेव निश्चित तौर पर कर लेनी चाहिए तथा सर्दी या गरमी के अनुसार शेव लोशन या कोल्ड क्रीम का प्रयोग करना चाहिए। बालों में शैंपू करना चाहिए तथा ऐसे प्रसाधन का प्रयोग करना चाहिए कि बालों में चिकनाहट न हो।
- आपके नाखून कटे होने चाहिए ताकि उनमें गंदगी या खाद्यसामग्री न भरने पाए। लड़कियां या महिलाएं यदि लंम्बे नाखून रखती हों तो उन्हें अच्छी तरह से साफ कर लें। हल्के रंग की नेलपालिश का प्रयोग कर सकती हैं।
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साक्षात्कार कक्ष ;इंटरव्यू हालद्ध में प्रवेश से पूर्व पान, पानमसाला, चूइंगम, सिगरेट या इलायची आदि का प्रयोग न करें. यह भी सुनिश्चित कर लें कि आप के मुंह से किसी प्रकार की गंध तो नहीं आ रही है।यदि आप पूर्व से सांस की बदबू से परेशान हैं तो इसके लिए आवश्यक माउथ फेरशनर का प्रयोग कर इंटरव्यू देने जाएं।
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आजकल अनेक कम्पनियां रिक्रूटमेंट में लगने वाला समय बचाने के लिए या प्रारंभिक तौर पर अच्छे कैंडीडेट्स की जांच के लिए वाक्.इन इंटरव्यू लेना पसन्द करती हैं। सेल्स, मार्केटिंग व काल सेंटर्स जैसी नौकरियों के लिए तो प्रायः इसी तरह से कैंडीडेट रखे जाते हैं। ज्यादातर इंटरव्यू सुबह 10 से 5 बजे तक की अवधि में आयोजित होते हैं। प्रारम्भिक धंटे इंटरव्यू के लिए उपयुक्त रहते हैं। वाक्.इन इंटरव्यू में निर्धारित समय सीमा समाप्त होने से एक घंटा पहले ही पहुंच जाना चाहिए। अवसर निचले स्तर के पदों के लिए वाक-इन इंटरव्यू का सहारा लिया जाता है। इन पदों का वेतन भी प्रायः पहले से ही तय होता है। उत्कृष्ट कम्युनिकेशन स्किल्स और सौम्य व्यवहार अत्यावश्यक पात्रता है।
-
वेतन की बात सबसे अंत में की जाती है। इस मामले में उतावलापन ठीक नहीं होगा। आपको अपनी मार्केट वैल्यू मालूम होनी चाहिए। आप जो काम कर रहे हैं उसके लिए अन्य कम्पनियों में कितना वेतन दिया जाता है, इसकी जानकारी रखिए। इंटरव्यू में एम्पलॉयर को यकीन दिलाइए कि आप उसके लिए कितने काम के साबित हो सकते हैं। अपनी मौजूदा आय की जानकारी पहले से न दें। वेतन सम्बन्धी बातें तब तक न बताएं जब तक आपको जॉब ऑफर न किया जाए या आपसे पूछा न जाए। अपने बायोडाटा में सेलरी कॉलम में यदि कुछ लिखना ही पड़े तो ‘निगोशिएबिल’ लिखिए, ताकि अन्तिम समय में मोल भाव की गुंजायश बनी रहे। यदि कम्पनी अपनी ओर से वेतन फिक्स कर दें तब देखिए कि अन्य भत्तों की मद में किस तरह से वृद्धि करवाई जा सकती है। वेतन तय करने का मामला पेचीदा होता है। इसमें धैर्य से काम लेना चाहिए, साथ ही यह भी ध्यान रखिए कि वेतन से भी ज्यादा जरूरी होता है जॉब प्रोफाइल व जॉब सेटिस्फेक्शन।
साक्षात्कार
साक्षात्कार में
बातचीत करने के विशेष नियम
- ऐसे शब्दों एवं विचारों को प्रकट न करें, जो विषय से अलग हों अथवा जिसे बोर्ड के सदस्य सुनना पसन्द नहीं करेंगे।
- स्वर में न तो अधिक तीव्रता हो, न ही उत्तेजना अथवा अस्पष्टता।
- यदि आप किसी वाद पर असहमत हैं और अपनी राय प्रकट करना चाहते हैं, तो ‘‘मैं आपके विचारों की कद्र करता हूँ और मैं महसूस करता हूं कि ;यहां अपने विचार द्धष् कहें।
- असभ्य भाषा या द्विअर्थी संवादों का प्रयोग न करें।
- अपने विचारों को जबरन दूसरों पर न थोपें।
- जो कुछ बोलें, उसके साथ ठवकल स्ंदहनंहम का भी तालमेल बिठाएं।
- सामने वाले की आंखों-से-आंखें मिलाकर बात करें।
- ध्यान रहे-आंखें मटकाना विषय से भटकना है।
- दूसरे की बात को बीच में न काटें। पहले उसे अपनी बात पूरी करने दें, तभी बोलें।
- बातचीत प्दवितउंस तरीके से हो।
- आप सुनने और बोलने से सन्तुलन रखें।
- किसी की बात से असहमति की दशा में कभी क्रोधित या उत्तेजित न हों।
- वार्तालाप के समय अपनी अंगूठी उताराना और फिर पहनना, कंधे उचकाना आदि जैसी अवांछनीय हरकतों से दूर रहें।
- वार्तालाप के बीच अपना चश्मा उतारकर मेज पर रखना, रूमाल से मुंह को पोंछना आदि जैसी असभ्यता का परिचय न दें।
- बातचीत के समय इधर.उधर न झांकें।
- आपका चेहरा मुस्कान की ताजगी से भरा हो।
- साक्षात्कार.कक्ष में प्रवेश करते समय और बातचीत की समाप्ति पर अभिवादन करे।
निम्न बातों पर
भी आपका ध्यान रहें
- साक्षात्कार के लिए जरूरी है एक अच्छा और संतुलित बायोडाटा। इसके बाद आती है। आपकी ड्ेस और फिर खुद को पेश करने का तरीका।
- इंटरव्यू बोर्ड के सम्मुख जाने से पहले सफल होने का मानसिक रिहर्सल कर लीजिए। इसके निरन्तर अभ्यास से व्यक्तित्व मजबूत बनता है और इससे इंटरव्यू में सफलता के अवसर बढ़ जाते हैं। अच्छा तो यह रहेगा कि आप किसी परिचित सीनियर एक्जीक्यूटिव से मॉक इंटरव्यू लेने को कहे। वह गंभीरतापूर्वक आपसे सवाल पूछें और उसी गंभीरता से आप जबाब दें।
- काल लेटर मिलते ही अपने मित्रों, परिजनों एवं अनुभवी लोगों के अनुभव का लाभ लें, नियमित समाचार-पत्र, पत्रिकाएं पढें़ एवं समाचार बुलेटिन सुनें। जिस पद के लिए आप इंटरव्यू देने जा रहे हैं, उससे संबंधित पूर्व सफल प्रत्याशियों के इंटरव्यू पढ़ें।
- अपनी व्यक्तिगत रुचियां, पढ़ाई, सामयिक विषयों, आप के निवास वाले शहर एवं राज्य की भौगोलिक स्थिति, पर्यटन की सम्भावना तथा ऐतिहासिक जानकारियां हासिल करें क्योंकि बोर्ड द्वारा ऐसे प्रश्न अकसर ही पूछे जाते हैं।
- बायोडाटा को फाइल में सबसे उपर रखें, उसमें लिखी बातों के समर्थन में सारे प्रमाणपत्र उसके साथ क्रमवार रखें। अपनी शैक्षणिक योग्यता के प्रमाणपत्र/अंकपत्र भी क्रमबद्ध रखें।
- इंटरव्यू के लिए बहुत भड़कीले या गहरे रंग के कपड़े न पहनें। ये आंखों को चुभने लगते हैं। इंटरव्यू में पुरूष सूट, टाई तथा महिलाएं साड़ी पहनें तो ज्यादा अच्छा होगा। पुरूषों की शर्ट का रंग हलका गुलाबी, नीला, सफेद या बादामी तथा महिलाओं की साड़ियों का रंग हलका गुलाबी, नीला या हरा उपयुक्त होगा। युवितियां इंटरव्यू हेतु सलवारसूट का प्रयोग कर सकती हैं। परन्तु वे यह ध्यान रखें कि सलवारसूट में बहुत सितारे या कढ़ाई न हो। सलवारसूट के साथ दुपट्टे का विशेष ख्याल रखें।
- यदि आप सिक्ख हैं तो अप की पगड़ी साफ एवं कलफ लगी तथा ठीक ढंग से बंधी हो. पगड़ी का रंग आप के शेष पहनावे से मिलता.जुलता हो तो ज्यादा अच्छा हो। आप अपने पास एक रूमाल अवश्य रखें। कपड़ों में तेज परफयूम का प्रयोग न करें। जूतों पर अच्छी तरह से पालिश की होनी चाहिए। यदि जूते काले रंग के फीते वाले हों तो उन का प्रयोग ज्यादा अच्छा होगा।
- यदि आप निर्देशित स्थान से पूर्व परिचित हैं तो कम से कम 15 मिनट पहले वहां पहुंचने की कोशिश करें। यदि स्थान अपरिचित हैं तो इंटरव्यू वाले दिन से पहले उसे देख आएं या आधा घंटा पहले पहुंचने की कोशिश करें। संभव है, वहां जा कर सम्बन्धित कार्यालय खोजने में आप को कुछ समय लग जाए।
साक्षात्कार में असफल क्यों ?
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| नवीन चौधरी संपादक नवीन परिदृश्य पत्रिका |
आज प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिस्पर्द्धा इतनी अधिक बढ़ गई है कि अपनी योग्यता अनुरूप सफलता या सही स्थान पा लेना भी बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, नौकरी की समस्या की जटिलता का अंदाजा तो इसी बात से लगाया जा सकता है कि छोटी और गैर-सरकारी नौकरियों में भी एक पद के लिए हजारों प्रार्थी आवेदन करते हैं।
साक्षात्कार आज विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं का महत्पूर्ण अंग बन गया है, चाहे सिविल-सेवा हो या राज्य-सेवा, बैंक.सेवा हो या प्रबन्धन के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए। साक्षात्कार क्या है ? साक्षात्कार का मतलब यहां मौखिक परीक्षा अथवा अंतर्वीक्षा से है। यह एक ऐसा समय होता है, जिसमें कितने भी प्रतिभाशाली उम्मीदवार क्यों न हों धैर्यहीन हो जाता है, तरह.तरह के ख्याल उनके मन को कुरेदता रहता है, जिससे उनके आत्म.विश्वास में कमी हो जाती है, जबकि असलियत यह है कि यह बहुत ही सहज प्रक्रिया है, साक्षात्कार लेने वाला बोर्ड तो यह देखता है कि आप मानसिक सतर्कता, आलोचनात्मक ग्रहणशक्ति, स्पष्ट और तर्कसंगत प्रतिपादन की शक्ति, संतुलन निर्णय की शक्ति, रुचि की विविधता, गहराई, नेतृत्व और सामाजिक संगठन की योग्यता बौद्विक तथा नैतिक ईमानदारी अपने विचार को कितने विश्वास, बुद्धिमानी और सहजभाव से उनके सामने रख पाते हैं।
साक्षात्कार का सामना करने से घबराना कैसा ! जिस पद के लिए आपने आवेदन किया है और उस पद के लिए जो भी शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गयी हैं, उससे सम्बन्धित सवाल ही आपसे साक्षात्कार में पूछे जायेंगे उस विषय के तो आप अच्छे जानकार हैं, तभी तो आपने लिखित परीक्षा उत्तीर्ण किये। इसके लिये तो आपको अपने आप पर गर्व करना चाहिए और आपके अन्दर आत्मविश्वास पैदा होना चाहिए, जरा सोचिए, आप कितने सौभाग्यशाली हैं। एक पद के लिए हजारों प्रत्याशी लिखित परीक्षा में बैठते हैं और उन हजारों में से चुने हुए कुछ प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को ही उत्तीर्ण घोषित कर साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।
सामान्यतः यह पाया गया है कि कई योग्य और मेधावी छात्र लिखित परीक्षा में तो अद्वितीय प्रदर्शन करते हैं, पर साक्षात्कार में असफल हो जाते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि साक्षात्कार के दौरान कई उम्मीदवार आत्मविश्वास की कमी के कारण घबरा जाते हैं और सफलता का स्वर्णिम अवसर खो बैठते हैं। साक्षात्कार में सफलता की सबसे महत्वपूर्ण शर्त है-आत्मविश्वास ही साक्षात्कार में उम्मीदवार को सफलता दिला सकता है। कई योग्य एवं मेधावी प्रत्याशी भी प्रायः साक्षात्कार में असफल हो जाते हैं, क्योंकि आत्मविश्वास की कमी के कारण वे अपनी योग्यता, ज्ञान व जानकारी का सही प्रदर्शन साक्षात्कार मंडल के सामने नहीं कर पाते हैं। साक्षात्कार मंडल के सामने नहीं कर पाते हैं। साक्षात्कार में असफल या आत्मविश्वास की कमी हो जाने का भय प्रायः उन छात्रों में पाया जाता है जो पहले कभी असफल हो चुके होते हैं, पर ऐसे छात्रों को यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि इस संसार में आज तक ऐसा कोई व्यक्ति हुआ ही नहीं, जिसने कभी असफलता का सामना न किया हो, भूले ही आगे चलकर उस व्यक्ति ने अपार सफलता हासिल क्यों न की हो। अतः उम्मीदवार को चाहिए कि अपने मनोबल को कायम रखें तथा पूर्ण आत्मविश्वास के साथ साक्षात्कार में भाग लें। फिर तो सफलता अवश्य ही आपके कदमों को चूमेगी पर इतना निश्चित है मन की किसी भी प्रकार की कमजोरी उसे मंजिल तक पहुंचने में बाधक बनेगी।
इंटरव्यू की तैयारी एक दिन, एक रात व सप्ताह में नहीं की जा सकती है जैसा कि वर्तमान में अधिकतर उम्मीदवार करते हैं। सही तो यह है कि साक्षात्कार के लिए संभाव्य प्रश्नों की तैयारी करके उनके उत्तरों का मनन करना चाहिए। प्रतियोगिता परीक्षा से सम्बन्धित विभिन्न पत्र.पत्रिकाएं हिन्दी व अंग्रेजी में निकलती हैं, जिनमे नवीनतम जानकारियां भी होती हैं। उन्हें नियमित रूप से पढ़ें, पर एक बात का ध्यान मुख्य रूप से रखनी चाहिए कि यह पत्र या पत्रिका किसी योग्य लेखक द्वारा लिखित हो या किसी अच्छे प्रकाशन की हो, बेहतर होगा ्रकॉनिकल, एस. चांद व उपकार प्रकाशन की पुस्तकें एवं प्रतियोगिता दर्पण में प्रकाशित साक्षात्कार, दैनिक सामाचार पत्र में टाइम्स ऑफ इंडिया, प्रभात खबर, हिन्दुस्तान, राष्ट्ीय सहारा व जनसत्ता के संपादकीय व अन्य स्तरीय लेखों, दूरदर्शन और आकाशवाणी से प्रसारित समाचारों, परिचर्चाओं और अन्य करेंट अफेयर से भी सम्पर्क बनाये रखना अति आवश्यक हैं। तात्पर्य यह है कि पत्र.पत्रिकाओं के स्तर का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। विभिन्न सामाजिक तथा राजनीतिक पत्र.पत्रिकाओं पर भी नजर दौड़ाना आवश्यक है। इसके अलावे देश.विदेश की नवीनतम घटनाएं, सामाजिक, राजनीतिक, वैज्ञानिक एवं आर्थिक गतिविधियों से भी अवगत रहना चाहिए।
साक्षात्कार को कभी भयावह संकट नहीं समझना चाहिए, वरन् यह सोचकर प्रसन्न रहें कि लम्बे समय से किये गये परिश्रम तथा तैयारी का प्रमाण प्रस्तुत करने का सही समय आ गया है, साक्षात्कार के प्रश्नों का बहुत हद तक पूर्वानुमान किया जा सकता है। साक्षात्कार की शुरूआत प्रायः सामान्य रुचि के प्रश्नों से की जाती है, कई नामों के साहित्यिक या शाब्दिक अर्थ होती है, नाम के बाद उम्मीदवार के जन्म स्थान तथा सम्बन्धित राज्य के विषय में प्रश्न पूछे जाते हैं, कई बार उम्मीदवार इन प्रश्नों का उत्तर नहीं दे पाते हैं, सिविल सेवा परीक्षा के एक उम्मीदवार ने इतिहास व लोक प्रशासन विषय का चयन किया था। वह रसायन में स्नातकोत्तर था। उससे रसायन के प्रश्न पूछे गये जिनका वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। साक्षात्कार बोर्ड के पास आपका सम्पूर्ण बायोडाटा ;जीवन परिचयद्ध रहता है। उम्मीदवार से उसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि से जुड़े प्रश्न पूछा जाना स्वाभाविक है। सिविल सेवा परीक्षा में सम्मिलित उम्मीदवारों से यह प्रश्न बार.बार पूछा गया है कि तकनीकी पृष्ठभूमि के बावजूद वे सिविल सेवा में क्यों आना चाहते हैं ? आपकी रुचि क्या है ? यदि इस नौकरी के लिए आपका चयन नहीं हुआ तो आप क्या करेंगे ? अपने किसी कमजोर पक्ष की चर्चा करें, ? पिता की आजीविका क्या है ? अन्य भाई.बहन क्या करते हैं ? उम्मीदवार खाली समय का उपयोग कैसे करता है ? उम्मीवार से कुछ विशेष प्रश्न भी पूछे जाते हैं जैसे भविष्य की कल्पना क्या है। यहां कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। आवेदन पत्र में उम्मीदवार से उसके अभिरुचि, खेल.कूद में भागीदारी इत्यादि के संदर्भ में भी जानकारी मांगी जाती है। अपना रोब जमाने के लिए ‘क्या शौक है ?’ के उत्तर में किसी ऐसे खेल का नाम कभी न बताएं जिसे आपने कभी खेला ही न हो ? या किसी ऐसी चीज को अपना शोक न बताएं जिसकी आपको तनिक भी जानकारी ही न हो, अन्यथा आरम्भ के दो.चार प्रश्नों के उत्तर में ही सही स्थिति सामने आ जायेगी और आपकी छवि.धूमिल हो जायेगी। विशेष अभिरुचि का नहीं होना अयोग्यता नहीं है। यदि जीवन परिचय में उम्मीदवार ने खेल का उल्लेख किया है तो उससे खेलों के विभिन्न प्रकार, प्राचीन पुरुष तथा महिला खिलाड़ियों के नाम खेलों के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां भविष्य में बेहतर उपलब्धियों के लिए सुझाव जैसे प्रश्न अपेक्षित हैं, यदि उम्मीदवार ने विशेष अभिरुचि में अध्ययन का उल्लेख किया है तो उससे पूछा जा सकता है कि उसने कौन सी पुस्तकें पढ़ी हैं ? उसके प्रिय लेखक कौन हैं ? प्राचीन लेखन व आधुनिक लेखन में क्या अन्तर है ? इत्यादि।
साक्षात्कार में आप सर्वप्रथम समय के पाबंद रहे। इंटरव्यू के पूर्व रात्रि लगातार देर तक जागकर तैयारी करना उचित नहीं,, अतः यथासम्भव समय पर सो जाएं ताकि साक्षात्कार के दिन स्वयं को तरोताजा महसूस कर सकें। सही समय पर साक्षात्कार स्थल पर पहुंचे, कहीं ऐसा न हो कि आपका नम्बर आये तथा अप वहां उपस्थित ही न हों, समय पर न पहुंचने पर मानसिक परेशानी हो सकती है, ऐसी हालत में आप सही जबाव देने में सफल भी नहीं रहते। इससे आपके विषय में गलत धारणा बनेगी और आप नौकरी पाने का अवसर भी खो देंगे।
साक्षात्कार के लिए जब आपका बुलावा आये तो साक्षात्कार कक्ष में अनुमति लेकर प्रवेश करें तथा शालीनतापूर्वक अभिवादन करें। ध्यान यह भी रखें कि बिना अनुमति के कभी भी कुर्सी पर न बैठें। साक्षात्कार के बाद जब आपको जाने की इजाजत दी जाये तो बाहर जाने से पूर्व भी धन्यवाद अवश्य दें।
प्रश्नकर्ता द्वारा जब प्रश्न पूछा जाये, उसका संक्षिप्त उत्तर पूर्ण विश्वास और सुलझे हुए विचारों से सूक्ष्म व गहनता से दिया जाये। प्रश्न को ध्यान से सुनना चाहिए। कभी प्रश्न पूछने एवं सुझाव देने का प्रयास नहीं करना चाहिए। यदि पूछे गये प्रश्न से आप अनभिज्ञ हैं, तो बड़ी विनम्रता से कह देना चाहिए कि ‘मुझे इसकी जानकारी नहीं है’ कह देना कहीं अधिक श्रेष्ठ है। इससे खराब असर नहीं पड़ता। कभी.कभी सदस्यगण अजीबोगरीब प्रश्न पूछ बैठते हैं। इसमें घबड़ाने की आवश्यकता नहीं है। कई बार ऐसा भी होता है कि सही उत्तर होने पर पुनः पूछ लिया जाता है। ऐसी हालत में अपने उत्तर के प्रति पूर्ण रूप से दृढ़ रहें। साक्षात्कार के लिए जाते समय आवश्यक प्रपत्र, साक्षात्कार की सूचना, सभी प्रमाणपत्र अपने साथ अवश्य ले जायें। फाइल में सभी प्रमाण पत्र इत्यादि आकर्षक ढंग से व्यवस्थित एवं क्रमानुसार लगाये ताकि साक्षात्कार कर्ता देखें तो पहली बार से ही आपकी सुघड़ता, स्वच्छता तथा व्यवस्था से प्रभावित हुए बिना नहीं रहे।
यदि आप अधिकारी पद के लिए साक्षात्कार हेतु जा रहे हैं तो अपकी वेशभूषा उसी के अनुसार होनी चाहिए, कुर्सी पर बैठने का अंदजा भी अधिकारी जैसा ही हो। इंटरव्यू के समय वेशभूष का काफी प्रभाव पड़ता है। भड़कीले कपड़े पहन कर न जायें, बेहतर होगा तड़क.भड़क के स्थान पर आप सादे, मगर स्मार्ट वेशभूषा में जाये। बाल व्यवस्थित हो, दाढ़ी बनी हो, नाखून कटे हों व जूतों में पॉलिश हो इत्यादि। साक्षात्कार कक्ष में धूम्रपान करना, पान.मसाला चबाना, सिर पर हाथ से खुजलाना, उंगलियां चटखाना, उबासी लेना, मुंछों पर ताव देना, नाक में उंगली देना, नाखून चबाना इत्यादि से सामने वालों पर गलत प्रभाव पड़ता है।
प्रतिभावान छात्र जो किसी साक्षात्कार की तैयारी करना चाहते हैं उनको विषय से सम्बन्धित विद्वानों तथा अनुभवियों से दर्शन प्राप्त करने के लिए अपने स्वयं के अन्दर उत्कृष्टता तथा श्रेष्टता प्राप्त करने के पूर्ण प्रयास करना चाहिए। सम्भव हो तो कुछ सफल व्यक्तियों से सम्पर्क बनाये रखें तथा अनुभवों से कुछ सीखें। आवश्यकतानुसार किसी अच्छे प्रशिक्षण केन्द्र की सहायता भी ली जा सकती है।
अतः दृढ़ इच्छाशक्ति, पूर्ण आत्मविश्वास, कठोर परिश्रम, धैर्य और संयम जैसे गुर आप अपने साथ रखें, फिर तो कोई भी साक्षात्कार बोर्ड आपको असफल घोष्ति कर ही नहीं सकता। किसी सफलता को प्राप्त करने के लिए इच्छा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके लिए पर्याप्त प्रयास करना भी अति आवश्यक है।
Tuesday, 8 March 2016
CSAT परीक्षा क्या है - कैसे करे तैयारी
दोस्तों , आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से आज के समय की बेहद ही कठिन परीक्षाओं में से एक CSAT के बारें में बताएंगे |
इस परीक्षा में सफल होने के लिए तैयारी कैसे करें यह जानकारी भी दी जाएगी ? जिससे आपको इस परीक्षा को सफल बनाने में अवश्य मदद मिलेगी |
प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में लगे छात्रों के बीच इन दिनों एक शब्द काफी चर्चा का विषय बना रहा है,जिसका नाम है CSAT यानी सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट | यूपीएससी ने इस वर्ष आयोजित सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा के सिलेबस और पैटर्न में कई नए ऐसे बदलाव कर दियें हैं, जिसके बाद इसे सी-सैट का नाम दिया गया है ।
सी- सैट के प्रश्न पत्र को लेकर प्रायः छात्रों में भय बना रहता है , क्योंकि इसका एक कारण यह भी है कि एप्टीट्यूड टेस्ट के तहत उम्मीदवारों को अब वैकल्पिक विषयों में से एक का चुनाव नहीं करना होगा | बल्कि इसके स्थान पर सभी छात्रों के लिए सामान्य अध्ययन के अलावा एप्टीट्यूड टेस्ट का एक जैसा ही पेपर दिया जायेगा |
संघ लोक सेवा आयोग के बाद राज्य सेवा आयोग भी राज्य सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा में वैकल्पिक विषय की जगह अब सीसैट( सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट ) लेने जा रही है | इसकी तैयारी हेतु हमें अत्यंत कठिन परिश्रम करना होता है | तब हम इसकी तैयारी कर पाते है |
तैयारी के तरीके -
इसकी तैयारी के लिए लगभग परीक्षा के 6 महीने पहले से ही शुरू कर देनी चाहिए |
अपना पाठ्यक्रम एकत्रित कर लें |
समय सारणी का प्रयोग करें तो सभी विषयों पर फोकस बना रहेगा |
नियमित रूप से प्रतिदिन स्टडी का रूटीन बनाकर रखें |
यूपीएससी सीसेट के पिछले साल के प्रश्नपत्रों ( कोई भी 2011-2014 तक ) को हल कीजिये |
अपना कमरा बंद करके , बिना किसी व्यवधान के 2 घंटे बैठ करके उसे हल कीजिये ,और अपनी क्षमता को दिखिए |
अपनी कमियों का आंकलन कीजिये और पता लगाईये कि किन क्षेत्रो में आप अच्छे अंक प्राप्त नहीं कर सकें है |
किन क्षेत्रो पर कार्य करना है यह ध्यान में रखें |
तैयारी हेतु अच्छी रणनीति अवश्य बनाये |
सभी विषयों को साथ लेकर चलें , किसी टॉपिक व विषय को पेंडिंग में न डालें |
आत्मविश्वाश बनाएं रखें , मोटीवेट होतें रहे |
पाठ्यक्रम-
Comprehension (परिच्छेद) |
Interpersonal skills including communication skills (संचार कौशल सहित पारस्परिक कौशल) |
Logical reasoning and analytical ability (तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता) |
Decision-making and problem-solving (निर्णय लेना व समस्या सुलझाना) |
General mental ability (सामान्य मानसिक क्षमता ) |
Basic numeracy (numbers and their relations, orders of magnitude, etc.) (Class X level), (बेसिक संख्यात्मक कार्य (दसवी कक्षा के स्तर की संख्या और उनके सम्बन्ध , परिणाम क्रम , आदि ) |
दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से दी हुई उपरोक्त जानकारी से हमें CSAT की तैयारी करने में अवश्य ही सफलता प्राप्त करने में मदद मिलेगी |
यदि अभी भी आपके मन में करियर से रिलेटेड कोई सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने सवालों को पूछ सकते हैं, आपके सवालों, प्रतिक्रिया और सुझाव का हमें हमेशा इंतज़ार रहेगा |
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क्या आप पुलिस में भर्ती होना चाहतें है - कैसे तैयारी करू
अधिकतम युवावों का सपना होता है कि वह पुलिस की नौकरी करें इस सपना को सच बनाने हेतु , आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि किस तरह ये सपना पूरा करना सम्भव है
आज कल पुलिस कि भर्ती हेतु तैयारी तो सभी करते है परन्तु यह सपना सुच कुछ ही लोगो का हो पाता है | इस सपना को पूरा करने के लिए तैयारी करने के कुछ नियम बताएं जा रहें जिनसे आपको सफलता प्राप्त होगी |
भर्ती हेतु मानक -
पुलिस में भर्ती हेतु संशोधन के अनुसार सामान्य वर्ग में पुरुष उम्मीदवारों के लिए 172 सेमी. कद, जबकि आरक्षित श्रेणियों के पात्र उम्मीदवारों के लिए नवीनतम आरक्षण नीति के अनुसार 169 सेमी. कम से कम शारीरिक मानक तय किये गए है |
इसी प्रकार बिना फुलाये छाती में 83 सेमी. और फुलाकर 87 सेमी. सामान्य वर्ग के लिए के अलावा आरक्षित श्रेणियों के लिए 81 सेमी. बिना फुलाए और 85 सेमी. फुलाकर तय की गई है। महिला उम्मीदवारों के मामले में सामान्य वर्ग के लिए 160 सेटी. जबकि आरक्षित श्रेणियों के लिए 157 सेमी कद तय किया गया है। सभी पात्र उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा से गुजरना होगा, जो अधिकतम 15 अंकों की होगी।
शारीरिक दक्षता व सहनशीलता की जांच-
इसमें पुरुष उम्मीदवार में टेस्ट दौड़ 5 किमी. और पूरा करने का समय 25 मिनट होगा। महिला उम्मीदवार की टेस्ट दौड़ 2.5 किमी. और पूरा करने का समय 15 मिनट होगा। भर्ती होने के इच्छुक उम्मीदवारों को शारिरिक परीक्षा के साथ लिखित परीक्षा भी पास करनी होगी। लिखित परीक्षा में 100 प्रश्न होंगें,और प्रत्येक प्रश्न0.60 अंक का होगा।प्रश्न का गलत उत्तर देने पर 0.15 अंक की कटौती की जाएगी। परीक्षा का समय 90 मिनट होगा। परीक्षा में पास होने पर उम्मीदवारों को दस्तावेजों के साथ जांच के लिए बुलाया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया-
आयोग को चयन प्रक्रिया के प्रबंधन के लिए कंप्यूटर आधारित एक प्रबंधन सूचना प्रणाली अपनानी होगी, जिसमें वह आनलाइन आवेदन पत्र प्राप्त करने, प्रक्रिया करने, पूरी भर्ती प्रक्रिया में चयन व चयनित सूची बनाएगा | इस प्रक्रिया के आधार पर चयन किया जायेगा |
तैयारी कैसे करें-
· अधिकतर लिखित परीक्षा को सफल बनाने के बाद युवा फिजिकल टेस्ट में असफल हो जाते हैं | इसलिए इस टेस्ट की तैयारी पूरी लगन से करनी चाहिए जिससे यह भी परीक्षा सफल हो सकें |
· लिखित परीक्षा में सफल होने के लिए लगभग 6 महीनें पहले से ही तैयारी आरम्भ कर देना चाहिए | तैयारी हेतु मॉडल पेपर , तथा परीक्षापयोगी कितबों का प्रयोग करना आवश्यक होता है | तैयारी नियमित रूप से करनी चाहिए |
· इंटरव्यू को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए | इसका पैटर्न संभावित प्रश्नो के अनुसार तैयार करना आवश्यक होता है |
· इस परीक्षा में शामिल होते समय किसी को कम नहीं आंकना चाहिए | तैयारी करने में आलस्य नहीं होना चाहिए |
· परीक्षा की तैयारी हेतु किसी इंस्टिट्यूट या कोचिंग के सहायता लेना गलत नहीं होगा |
· लिखित तैयारी के साथ फिजिकल तैयारी करना भी आवश्यक होता है | दौड़ तथा अन्य फिजिकल टेस्ट की भी नियमित तैयारी करनी चाहिए |
· अपना आत्मविस्वास कम न होने दें , और स्टडी पर फोकस बनाये रखें |
उपरोक्त दी गई जानकारी से आपको पुलिस की भर्ती हेतु अवश्य ही सहायता प्राप्त होगी | इस आर्टिकल से आप पुलिस की नौकरी पाने में सफल होंगे, और बेहतर करियर की शुरुआत कर सकेंगे | यदि अभी भी आपके मन में करियर से रिलेटेड कोई सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपने सवालों को पूछ सकते हैं, आपके सवालों, प्रतिक्रिया और सुझाव का हमें हमेशा इंतज़ार रहेगा |
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नोट:- उपरोक्त दिए हुए मानक एवं शारीरिक दक्षता के नियम अलग-अलग राज्यों के लिए भिन्न हो सकते है |
प्रतियोगिता परीक्षा के लिए तैयारी कहाँ से और कैसे Start करे - जानिये !!
प्रतियोगिता परीक्षा के लिए तैयारी कहाँ से और कैसे Start करे - जानिये !!
दोस्तों कभी- कभी ऐसा भी होता है की हमे मेहनत के अनुकूल फल नही प्राप्त हो पाता है और हमे निराश होना पड़ता है | यदि हम रात- दिन एक करके पढ़ते है और हमारी मेहनत न दिखाई दे और परीक्षा में हमारे अनुकूल अंक नही प्राप्त होते है तो बहुत कष्ट होता है |
दिलो की धड़कन तेज़ होने लगती है | किसी ने कितनी भी मेहनत क्यों ही न की हो परन्तु वो nervous हो ही जाता है |
प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कैसे करे -
परीक्षा आज के जीवन में किसी भी क्षेत्र में भी बहुत महत्वूर्ण बन गई है | परीक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्र के मस्तिष्क को देखने के लिए किया जाता है | किसी भी परीक्षा के अंक उस छात्र की क्षमता को दर्शाते है | आज कल बहुत सी प्रतियोगी परीक्षाये चल रही है जिनकी तैयारी के लिए कुछ उपयोगी तरीके अपनाये -तो निश्चित ही हमें सफलता प्राप्त होगी |
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कहा से करें शुरुआत -
परीक्षा की तैयारी के समय हमे कुछ समझ में नही आता है कि तयारी करे कैसे ? शुरुआत कहाँ से करे ? ऐसे प्रश्न मन में उठते रहते है | यदि तैयारी स्वयं से करते है तो मुश्किले ज्यादा आती है क्योंकि तैयारी करने में जिस टॉपिक में हम हल करने में फंस जाते है तो उसका solution करने में काफी समय लग जाता है | यदि किसी इंस्टिट्यूट का सहारा ले लेते है तो इसमें कोई हर्ज़ नही है |
समय सरणी से तैयारी -
यदि कोई भी कार्य हम समय सरणी बनाकर करते है तो उस कार्य में सफलता मिलने में कम समय लगता है | इसलिए प्रतियोगी परीक्षा को सफल बनाने के लिए समय सरणी का भी एक विशेष महत्व है | यदि हम तैयारी समय सरणी नुसार कर रहे है तो हमारे सभी कार्य समय से होंगे | प्रत्येक विषय के लिए समय हम निकाल सकेंगे कोई भी विषय हमारा pending में नही पड़ा नही रहेगा , और सभी विषय पर बराबर फोकस बना रहेगा |
बनाये फार्मूला और याद करें मुश्किल चीज़े -
मैथ या अन्य विषय को हल करने के कुछ शार्ट त्रिकी फॉर्मूले बनाये जाते है जिनकी सहायता से प्रश्न को हम जल्दी हल कर सकते है , और हमारा समय बचता है | प्रतियोगी परीक्षा में समय का महत्व क्या होता है ये सभी को पता है |
परीक्षा में एक बार बैठने के बाद पता ही नही चलता है की समय कितनी जल्दी निकल गया | यदि हम परीक्षा में शार्ट त्रिकी का प्रयोग कर लेते है तो वही समय हम दूसरे सवालों के लिए प्रयोग में ला सकते है , और जो भी चीज मुश्किल लगे उन्हें याद कर लेना चाहिए | इस तरह परीक्षा सफल बना सकते है |
पैटर्न का ज्ञान -
किसी भी परीक्षा में जाने के पहले प्रश्न पत्र का पैटर्न अवश्य पता होना चाहिए | यदि हमे परीक्षा का पैटर्न पता होता है तो हमारा काफी समय बच जाता है | पैटर्न के पता होने से हमे परीक्षा बिलकुल नई सी नही लगेगी क्योंकि हमे प्रश्न पत्र का पैटर्न पहले से ही पता होगा | हमे ये ज्ञात रहेगा की इसमें कितने प्रश्न गणित , विज्ञानं , कंप्यूटर , तर्कशक्ति तथा कितने प्रश्न सामान्य ज्ञान तथा अंग्रेजी के पूछे जायेंगे |
यदि हमे पैटर्न पता है तो हम किसी भी परीक्षा को तैयारी करने के पश्चात सफल बनाने में कामयाब होंगे | यदि हमे पैटर्न का ज्ञान नही है तो कितनी भी तैयारी क्यों न हो , हमारा परीक्षा में कुछ तो समय अवश्य ही बर्बाद जायेगा |
परीक्षा के समय ध्यान देने योग्य बातें-
· परीक्षा देने जब भी जाये तो उसे 1 घंटा पहले कुछ भी न पढ़े अपना दिमाग शांत रखे . अपने आपको हंसी मजाक में उस वक़्त व्यस्त रखे |
· परीक्षा से पहले नींद का पूरा होना बहुत जरुरी है . इसलिए नींद पूरी करके ही जाए न की पूरी रात पढाई करनी है |जाने से पहले अपने आपको फ्रेश करके जाए |
· परीक्षा में आये सारें सवाल को एक बार अच्छे से और ठन्डे दिमाग से पूरा प्रश्न पढ़ ले |
· सबसे पहले जो भी प्रश्न आपको आता है उसे करे न की दूसरे प्रश्न पर अपना समय बर्बाद करे |
· हमेशा वो लाइन ही लिखे जिसका मतलब निकालता हो फालतू की लाइन लिख के अपना अमूल्य समय बर्बाद न करे |
· भले आप छोटा उत्तर लिखे पर उसका मतलब सही निकलता हो वो ही काफी है
इस तरह के कुछ टिप्स अपना के आप जरूर अच्छे अंक से पास हो सकते है ,तथा इस प्रकार हम प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकते है, और हमारे पोर्टल sarkarinaukricareer.in पर आपके के लिए ढेरो मोटिवेशनल आर्टिकल, करियर टिप्स एजुकेशनल न्यूज़ उपलब्ध हैं |
आप अपने विचार हमसे साझा भी कर सकते हैं और साथ ही साथ अगर आपके भी मन में भी कोई सवाल करियर सम्बन्धी है तो आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से जरूर पूछिये, आपकी प्रतिक्रिया और सुझाव का हमें इंतज़ार रहेगा | अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया हो तो हमारे फेसबुक पेज को like करना न भूले |
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